Thursday, 16 August 2018

भारत का रत्न आज खो गया, धरती से एक फ़रिश्ता स्वर्ग को चला

एक तरफ जहाँ पूरा हिंदुस्तान आजादी का जश्न मना रहा था, देशभक्ति सारे हिंदुस्तान में छाई हुई थी, शहीदों को याद नमन, वंदन किया जा रहा था! तो वही दूसरी ओर क्या पता था कि देश एक रत्न खोने जा रहा है! क्या पता था अगले ही दिन देश का रत्न स्वर्ग को हो चलेगा..!!

खून क्यों सफेद हो गया?
भेद में अभेद खो गया.
बंट गये शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार दड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई...!

ठन गई! 
मौत से ठन गई! 
जूझने का मेरा इरादा न था, 
मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था, 
रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई, 
यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई..!

इन कविताओं को पढ़ के बस एक ही शख्स की याद आती है
पद्म विभूषण, लोकमान्य तिलक पुरस्कार, भारतरत्न और वो है अटल बिहारी वाजपेयी जी। लेकिन अब उन्हें हम सिर्फ याद ही कर सकते है 15 अगस्त 2018 जहाँ सारा देश आजादी के जश्न में था और 16 अगस्त जहाँ सारा देश आज अटल जी की याद में गमगीन एक सदमे में है। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी अब हमारे बीच नहीं हैं। देश के इतिहास में सबके प्रिय नेता की बात चलेगी तो पहला नाम अटल जी का ही आयेगा, क्या विपक्ष, क्या समर्थक, क्या दुश्मन देश, पाकिस्तान के राजनेता और क्या कश्मीर के जेहादी। अटल जी जब भी कुछ कहते थे दुनिया उन्हें सुनती थी। 25 दिसम्बर 1924 से 16 अगस्त 2018 जिदंगी का एक ऐसा सफर जिसने सारे हिन्दुस्तान को बदला कर रख दिया।

एक कवि, एक पत्रकार,  एक प्रवक्ता, एक संस्थापक, एक प्रधानमंत्री क्या कहूँ बस इतना ही कहूंगा कि -

*अटल वो जिसने भारत को निर्विवाद रूप से विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया।
*अटल वो जिसने देश की सुरक्षा के लिये साहसी कदम उठाये।
*अटल वो जिसने पाकिस्तान से संबंधों में सुधार की पहल की।
* अटल वो जिसने सरकारी खर्चे पर रोजा इफ़्तार शुरू किया।
*अटल वो जिसने राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।
* अटल वो जिसने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें  81 मन्त्री थे।
* अटल वो जो पहले विदेश मंत्री थे और संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था।
*अटल वो जिसने, पहले रणभूमि में शहीद सैनिकों के शव घर नहीं भेजे जाते थे। अटल जी की ही संवेदना और राष्ट्रधर्म था कि ये हक उन्होंने शहीदों को दिलाया।
*अटल वो जो जिसने कहा था ये सत्ता का खेल तो चलेगा..सरकारें आएंगी जाएंगी. पार्टियां बनेंगी बिगड़ेंगी. मगर ये देश रहना चाहिए. इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए .’ आज अटल जी भी सारे देश वासियो के लिए अमर है वे एक ऐसा भारत चाहते थे  जो भूख, भय, निरक्षरता और अभाव से मुक्त हो। आज ऐसी महान शख्सियत हमारे बीच नही रही है आज एक शायरी भी उनके लिए ठीक बैठती है कि  "रौनक होगी आज भगवान के दरबार में, एक फरिश्ता पहुंचा है जमीं से आसमान में"।
अटल जी अटल थे, अटल है और अटल ही रहेंगे।

शत शत नमन वंदन 🙏 विनम्र श्रद्धांजलि

मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, 
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं। 

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, 
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूं? 
- अटल जी

       ॐ शांति ॐ शांति

Thursday, 2 August 2018

चैलेंजेस को पूरा करे अपनी ज़िंदगी बनाने न कि खत्म करने

चैलेंज नाम सुनकर ही एक अलग तरह की ऊर्जा को महसूस करना,, चैलेंज यानी चुनौती स्वीकार करना व उसे पूरा करना।  किसी भी इंसान को जब चेलेंज दिया जाता है या तो वो उसे पूरा करता है। या फिर उसमे नाकामयाब होता है। वैसे तो चैलेंजेस इंसान की जिंदगी बनाते है और एक जिन्दगी का अहम हिस्सा भी बन जाते है। कुछ लोग चैलेंजेस से सीखते है कुछ लोग बन जाते है। वैसे तो चैलेंज का नाम सुनकर लोग जोश उत्साह में आ जाते है पर यदि , अगर वही चैलेंज आपकी जान के लिए खतरनाक साबित हो या जानलेवा ही बन जाये तो क्या वो चैलेंज होगा या फिर हम कहे कि ज़िन्दगी के साथ पने एक खेल खेला।
आजकल सोशल मीडिया पर  एक दूसरे को चैलेंज देने का ट्रेंड जोरो से है। पहले आइस बकेट चैलेंज - बर्फ से भरी बाल्टी को अपने सिर पर उड़ेलना । उसके बाद ब्लू वेल गेम चैलेंज जिसने भारत के साथ-साथ दुनियाभर में कई बच्चों की जान ले ली।  और अब एक नया ट्रेंड जिसका नाम "किकी चैलेंज" । कनेडियन हिप हॉप सुपरस्टार ड्रेक के लेटेस्ट ऐल्बम स्कॉर्पियन के हिट सॉन्ग ‘इन माय फीलिंग’ पर शुरू हुआ यह ‘किकी चैलेंज’  दुनियाभर में वायरल हो गया है आम लोगो के साथ साथ सिलेब्रिटीज तक इस चैलेंज को पूरा कर रहे है।  चलती गाड़ी से उतरकर गाड़ी का दरवाजा खुला रखकर और फिर ड्रेक के पॉप्युलर सॉन्‍ग ‘किकी डू यू लव मी’ की धुन पर चलती गाड़ी के साथ डांस करना अगर हम इसे ज़िन्दगी के साथ एक खेल कहे तो यह गलत नही होगा।  30 जून को अमेरिका के कमीडियन शॉकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपना एक विडियो पोस्ट किया था जिसमें वह ‘किकी डू यू लव मी’की धुन पर डांस करते हुए नजर आये। इसके बाद तो दुनियाभर में लोगों के बीच यह किकी चैलेंज वायरल हो गया और अब हर कोई इसे ट्रेंड बनाकर अपनी ज़िंदगी को दांव पर लगा रहा है। छोटे बच्चो से लेकर युवा पीढ़ी यह तक ही महिलाएं भी इसमें शामिल है।  इसके पहले भी आइस बकेट और ब्लू वेल गेम जैसे चैलेंज से बच्चो से लेकर युवा पीढ़ी व महिलाए भी अपनी जान गंवा बैठे है और अब यह एक नया चैलेंज।

इस किकी सॉन्ग के चैलेंज के चलते रोड में चलती कार से उतरकर डांस करना फिर वापस कार में बैठना जिससे कई लोग अपनी जान गंवा बैठे है और कई लोग सड़क पर हादसे से चोट लगा बैठे है मिस्त्र, जॉर्डन और यूएई जैसे देशों में यह किकी चैलेंज पूरी तरह से बैन हो चुका है दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में तो इस चैलेंज को करने वालों को गिरफ्तार कर जेल तक भेजा जा रहा है। भारत में  मुंबई पुलिस, बेंगलुरु, चंडीगढ़, यूपी, दिल्ली पुलिस ने भी इस पर चिंता जताते हुए लोगो से और उनके बच्चों से अपील की और इस तरह के चैलेंज से दूर रहने कहा है साथ ही पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि उन्हें सड़क की बजाए डांस फ्लोर पर डांस करना चाहिए। माना चैलेंज का नाम सुनकर लोगो के दिलो दिमाग में जोश एक ऊर्जा आती है पर ऐसे चैलेंजेस को अपनाये और  पूरा करे जिससे आपकी ज़िंदगी बनती हो न कि जिन्दगी बिगड़ती या खत्म होती हो। आइस बकेट, ब्लू वेल गेम, किकी चैलेंज इस तरह के चैलेंजेस खतरनाक है जिन्दगी के लिए।

"आपकी जिन्दगी आपके हाथों में है इसे सवांरे न कि गंवाए"
   ~ Meriaankhonse

रोहित में कुछ बात ही अलग है..

क्रिकेट की जब भी बात आती है तो हमारे देश मे क्रिकेट को पूजा जाता है। लोगो की भावनायें इससे जुड़ी होती है। एक तरफ गुस्सा तो एक तरफ प्यार भी आ...