Wednesday, 29 November 2017

सलाम "विराट"

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और दुनिया के एक बेहतरीन खिलाड़ी 'विराट कोहली' को सलाम है, विराट कोहली एक ऐसा नाम जो आज खुद में एक ब्राण्ड बन चुका है, न किसी नाम का मोहताज और न ही किसी पहचान के मोहताज है, विराट आज लाखो करोड़ो बच्चों के रोल मॉडल है, हर कोई उनके जैसा बनना चाहता है और क्यों ने बने बात ही कुछ ऐसी है उनमें !
    विराट कोहली आज जिस मुक़ाम में है सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर, खेल के प्रति उनकी लगन, मेहनत, खेल के प्रति उनका जुनून, खेल के लिए हमेशा समर्पित रहना , जोश बरकार रखना, जीतने की चाह उनके अंदर दिखती है, इसीलिए बाकी खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग है विराट , विराट की मेहनत और लगन अपने आप मे उनको अलग बनाती है और मैदान में भी उनके खेल से दिखती है ,अपने आप को फिट रखना दुसरो को भी प्रोत्साहित करना यह विराट की खूबी है और करोड़ो लोगो के इसीलिए भी ये रोल मॉडल है विराट कहते है आप जो भी करे उससे प्यार करे, और ईमानदारी के साथ उसे करे दिल से !
   विराट कोहली आज जिस शिखर पर है, एक रुतबा है उनका क्रिकेट जगत में, जिस बुलंदियों को वे छू रहे है, कई मकाम हासिल किये है, बहुत ही गौरव प्रदान किया है गर्व महसूस कराया है, बदल रख दिया है भारतीय क्रिकेट को, 9 साल के एक छोटे से करियर में आज बहुत कुछ हासिल कर लिया है उन्होंने , कई सारी उपलब्धियां पा ली है और सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर, अपने खेल के दम पर, बहुत मेहनत करते है अपने ऊपर अपने खेल के ऊपर और इसका असर भी दिखता है, भारतीय टीम में काफी कुछ विराट ने बदला है। फ़िटनेस का एक दौर लेके आये है अपनी कप्तानी में जो कि भारतीय खिलाड़ियों में भी दिखाई देता है जब वे मैदान में होते है तो !
      विराट के छोटे से 9 साल कॅरियर में उनको बहुत बड़ा खिलाड़ी बना दिया है ,विराट कोहली सीरीज़ दर सीरीज़ नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं , 202 वनडे मैच में 55.74 की औसत के साथ 9030 रन बनाए है विराट ने अब तक जिसमे 45 अर्धशतक और 32 शतक शामिल है, टेस्ट मैचों की बात करे तो 62 टेस्ट में 4975 रन जिसमे 14 अर्ध शतक और 19 शतक शामिल है , वही टी20 में 55 मैचों में 1956 रन जो कि अब तक किसी भारतीय खिलाड़ी के सबसे ज्यादा रन है ! "विराट" दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है जो कि तीनों फार्मेट में 50 से ज्यादा की औसत कायम रखे हुए है आईपीएल में भी एक सीजन में 4शतक का रिकॉर्ड इनके नाम है 4हज़ार से ज्यादा रन 50 की औसत साथ पहले खिलाड़ी है
वनडे में 32 शतकों के साथ दूसरे पायदान में है विराट,और अगर उनके international  कैरियर की बात करे तो 51 शतक अबतक बना चुके है ! 
टेस्ट क्रिकेट में अभी उन्होंने 5 दोहरे शतक के साथ ब्रायन लारा के रिकॉर्ड की बराबरी की जो कि अभी आने वाले समय में टूट कर आगे भी जा सकता है, कई बार लोग सचिन के साथ विराट की तुलना करते है सचिन के रिकॉर्ड के बराबरी या तोडने पर देखा गया है, इस संदर्भ में विराट साफ कहते है कि सचिन हमेशा से मेरे आइडल हीरो रहे है उनको देखकर मेने खेलना शुरू किया, में उनके जैसा कभी नही बन सकता ! लेकिन विराट भी अपने आप मे बड़े खिलाड़ी है सचिन,डॉन ब्रेडमैन जैसे कई बड़े बड़े दिग्गज खिलाड़ी उनकी बैटिंग के कायल है और तारीफ करते नही थकते है, हर कोई उनका फैन है
    कोहली की खासियत है कि वह अपनी फॉर्म को हमेशा बरकार रखते है, कप्तानी का ज़रा भी दबाब उन पर नही दिखता है बल्कि और वे निखरके सामने आते है इसका सबसे बड़ा उदाहरण दो साल में उनकी बल्लेबाजी और टीम इंडिया के खेल के तीनो फार्मेट में सफलता है "विराट"की कप्तानी में टीम इंडिया ने कई सारे मुकाम हासिल किए है और आगे भी करती रहेगी, विराट टीम को दुनिया मे ऐसे मुकाम मे पुहचाने की क्षमता रखते है जहाँ तक अभी इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका की टीमें नही पुहंच पाई है ! 
    "विराट खेल के साथ साथ एक बहुत अच्छे इंसान भी है, विराट ने एक नई सोच के साथ पहल चालू की है जिसमे उनका विराट कोहली फाउंडेशन जो बच्चे पढ़ नई पाते या खेल नई पाते उनकी मदद करता है, ओल्ड एज होम विराट ने खोला है, 'स्पोर्ट्स को एक नए मकाम तक पुहचाने स्पोर्ट्स को ऊपर उठाने के लिए इंडियन स्पोर्ट्स ऑनर्स की सोच लाये है,जिससे सारे स्पोर्ट्स का नाम दुनिया मे हो लोग पहचाने ! स्पोर्टस के स्तर बढ़े यह विराट की सोच है सलाम है विराट की सोच को जो वो कर रहे है और करते आये है आज इज्जत और बढ़ गई है उनके के लिए गर्व महसूस करता हु की उनका फैन हु जीते जी ज़रूर मिलना चाहूंगा एक बार ! कुछ निरखते है , कुछ बिखरते है, लेकिन विराट बरसते है 
    इंसान नही फरिश्ता है वो, जो दूसरों के लिए जिया हैं.!!!
लोग तो करते है सिर्फ़ अपने घर को  रोशन जमाने मे..!!!
विराट कोहली वो चिराग है जिसने हिन्दुस्तान को रोशन किया है..!!!!
विराट कोहली के नेतृत्व में सफलता के सोपान छुए टीम इंडिया , ऐसी में कामना करता हु, बधाई हो विराट

Friday, 17 November 2017

"पद्मावती" एक नया मुद्दा

जी हा कुछ दिनों से एक नया मुद्दा मिल गया है लोगो को संजय लीला भंसाली की फ़िल्म" पद्मावती" लोगो की अलग अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जहा एक ओर राजस्थान और अन्य शहरों में इस फ़िल्म को लेकर आंदोलन देखने को मिल रहा है राजपूतो की ओर से की उनका कहना है कि फ़िल्म में राजपूतो की भावनाओ को ठेस पहुंचाई गई है  पद्मावती महारानी के इतिहास को लेकर गलत दृश्य दिखाए गए है , वही दूसरी तरफ मीडिया जगत के बड़े बड़े पत्रकार और बॉलीवुड के अभिनेताओ का फ़िल्म को समर्थन मिल रहा है !
      राजस्थान में फ़िल्म को लेकर चल रहे आन्दोलन व विवाद में अब महिला वर्ग भी शामिल हो रहा है। करणी सेना आंदोलन कर रही है। शहरो में नुकसान किया जा रहा है , इसी बीच करणी सेना के बयान आते है कि संजय लीला भंसाली का गला काटने वाले को 5 करोड़ इनाम, दीपिका को लेकर बयान की नाक काट देंगे , बीजेपी की तरफ से फ़िल्म में रोक लगा दी जाती है, जनता के साथ राजनीति भी हमेशा बीच मे आती है ! 
    मैने एक न्यूज चेंनल mirror now ओर साथ ही aaj tak में देखा कि एक सवाल किया गया नेताओ से की जब महिलाओ के साथ कुछ होता है या गलत घटना घटती है तब ये पार्टिया औऱ जनता सड़को में नही आती न आंदोलन करती है , और एक फ़िल्म को लेकर इतना कुछ दीपिका को लेकर गलत शब्द का प्रयोग औऱ बयान ! ये हो क्या रहा है देश मे एक फ़िल्म को फ़िल्म के तौर पर ले न कि राजनीति करे!
      फ़िल्म के बारे में कहा जा रहा है कि फ़िल्म में इतिहास को गलत बताया है, इतिहास से छेड़छाड़ की गई है, जिनको रानी पद्मावती अलाउदीन खिलजी का इतिहास नही पता वो लोग भी प्रतिक्रिया दे रहे है , राजनीति कर रहे है ! में उन लोग से यही कहना चाहूंगा कि पहले भी पद्मनी जैसी फ़िल्म बनी है, और पद्मावती रानी के ऊपर फिल्मे बनाई गई है पहले तो कुछ नही हुआ फिर अब क्यों ?
     रजत शर्मा जी का मैने शो देखा पद्मावती के लिए aajkibat special  उस शो में बड़े बड़े पत्रकार और बड़े बड़े लोगो ने यही कहा फ़िल्म को देखने के बाद कि संजय लीला भंसाली ने एक भी ऐसा दृश्य नही डाला फ़िल्म में जिससे राजपूतो के इतिहास या रानी पद्मावती के इतिहास को गलत बताया हो, बल्कि दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह , शाहिद कपूर की एक्टिंग की जमकर तारीफ की हैं ! 
   करणी सेना और जो लोग फ़िल्म को लेकर गलत सवाल उठा रहे है उन लोगो को एक बार फ़िल्म देखनी चाहिए, रजत शर्मा जी का भी यहीं कहना है कि करणी सेना के 4 5 सदस्य को लगता है कि गलत दिखया गया है तो वो फ़िल्म देखे साथ मे, न कि देश मे आंदोलन जैसे गलत हालात या नुकसान करना चाहिये, में भी एक राजपूत हु इतना कहूंगा फिल्मे जोड़ने के लिए बनाई जाती है समाज मे ज्ञान के लिए न कि तोड़ने के लिए ! फिल्मो को फिल्मो की तरह ले न कि उस पर राजीनतिक टिप्पणी करे ! 🙏

Wednesday, 8 November 2017

एक बार फिर कहूंगा कितना आसान सा है सब कुछ !

पहले भी कहा है और लिखा है सोचता हूं कि कितना आसान सा है ना सब कुछ ! जी हाँ भोपाल में हुई घटना ने फिर एक बार ये साबित किया है कि महिलाओं बेटियो के साथ बलात्कार करना छेड़खानी करना कितना आसान सा कदम हो गया है या कितना आसान बना दिया है इंसान ने हैवानियत को !
भोपाल में हुई यह शर्मशार घटना ने एक बार फिर बता दिया कि सब कुछ आसान है, देश मे क्या हालात हो रहे है। एक 19 साल की लड़की के साथ खुली सड़क में छेड़खानी हो जाती है बलात्कार कर दिया जाता है और सरकार या कानून उसपे कोई एक्शन नही लेता है मुख्यमंत्री जी ने हालांकि कुछ अफसरों के तबादले ज़रूर किये पर क्या ये तबादले उस 19 साल की लड़की को न्याय दिला पाये या उसकी मदद कर पाए ! जी नही ,
उस लड़की की ज़िंदगी के साथ बीच सड़क में यह शर्मसार घटना की गई, ऊपर से कुछ अफसर के बयान आते है कि मेरा सर दर्द हो गया यह बताते बताते की घटना कैसे हुई क्या क्या हुआ , क्या ऐसे बयान सही है, अगर आप के घर की बेटी के साथ ऐसा हुआ होता तब भी आप ऐसा बोलते जी नही , नही चाहिए ऐसे अफसर जो कि ऐसे बयान देते है, वेसे तो सरकार बड़ी बड़ी योजनायें चलाती है, बेटी बचाओ, महिला शशक्तिकरण, और अन्य योजनायें जो कि महिलाओं के हितों में होती है ! परन्तु जब एक बेटी या महिला की इज्जत मे हाथ डाला जाता है, बलात्कार जैसे केस सामने आते है तब सरकार कहा चली जाती है ! तब सरकार को ये बेटिया याद नही आती !
     बी एच् यु में हाली में लड़की के साथ छेडखानी(molestation) का शिकार हो जाती है, भोपाल में लड़की के साथ बीच सड़क में रेप हो जाता है, आखिर कब तक चलेगा ऐसा कब तक !  कितने केस होते है ना जाने औऱ न इंसाफ मिलता है ना कुछ करवाई होती है, और होती भी है तो सालो लग जाते है , पर क्या कोई उस बेटी या महिला के बारे में सोचता है की उसकी जिंदगी क्या हो जाती है एक सोसायटी के सामने या दुनिया के सामने ! दूसरे देशों में तो बलात्कार जैसे मुद्दो में सीधे फांसी की सजा या मृत्यु की सज़ा दे दी जाती है परन्तु हमारे देश में क्यों नही , सरकार कहती है जब बेटी की होगी प्रगति, घर की होगी  सर्वोन्नति। लेकिन जब बेटी ही नही रहेगी तो कैसे होगी प्रगति !
बस यही अपील करूँगा की ऐसा करने वालो के ऊपर सीधे कड़ी करवाई होनी चाहिए, ओर जो बलात्कार जैसे केस सामने आते है उनमें सीधे फाँसी दी जानी चाहिये ! क्योंकि ऐसे लोगो की दुनिया मे कोई जगह नही है, और जो लोग ऐसा करते है वो ये भूल जाते है कल को कोई उनकी लड़की के साथ भी ऐसा कर सकता है या हो सकता है!🙏 #stopthisshame 

Sunday, 5 November 2017

मजाक सा बना दिया है राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को

जी हाँ एक मजाक सा बनाकर रख दिया है हमारे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को ,आज कल बस कोई नया मुद्दा नही मिल रहा तो राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के पीछे लोग पड़ गए है ! नेता हो या आम लोग, जिसको देखो वही राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के हाथ धोखे पीछे पड़े हुए है आये दिन बस नई नई टिप्पणीया हो रही है, जिनको राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान नही पता , न ही जिनको आता है, आज वो लोग राजनीति कर रहे है। अपने अशक्षित होने का प्रमाण दे रहे हैं !
        कोर्ट में ला खड़ा कर दिया है देश के राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को इंसानियत की भी हद होती है कोई कह रहा है मीटिंग शुरू होने से पहले ऑफिस में राष्ट्रगान ज़रूरी हो, कोई कह रहा है जिओ की लाइन या बैंक की लाइन में खड़े रहते है या किसी सुपरस्टार को देखने के लिए खड़े रहते हैं परन्तु राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान के लिए नही खड़ा हुआ जाता है , कानूनी कार्यवाही की जा रही है कोर्ट से  आदेश आ रहे है,
      मज़ाक ही तो है क्यों क्योंकि जब एक देश का राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जिसकी किसी को इज्जत न हो तो मजाक बनाया जाए तब वह अपनी सुरक्षित रक्षा के लिए न्यायालय के पास ही तो जाएगा न, परुन्तु किसी को भी ये नही दिखाई नही दे रहा है कि एक मजाक जैसा माहौल बन रहा है। बस राजीनीति होनी चाहिए क्योंकि यही सबको अच्छा लगता है, कोई कहता हैं में वंदे मातरम नही बोलूंगा जय हिंद नही कहूंगा, जनगणमन में खड़ा नही होंगा, सोच बदलने की बात करते है लेकिन जब किसी को बदलना ही न हो तो क्या करे!
    आप भारत जैसे देश मे रहे है आपको जय हिंद भी कहना पड़ेगा, वन्दे मातरम भी कहना पड़ेगा,और हमारे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में खड़े होना भी पड़ेगा, शिक्षित होने का प्रामाण दे ना कि अशिक्षित होने का और हमारे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को न्यायालय की जरूररत ही नही है समझदार बने न कि मज़ाक बनाये !
      कुछ दिनों से बस यही मुद्दा चल रहा है राजनीति हो रही है ,और हमे ऐसे नेताओं की भी ज़रूरत नही है जिनको ये ही नही पता कि राष्ट्रगीत क्या है और राष्ट्रगान क्या है, जिनको यही नही पता है वो क्या खुद करेंगे !
 ज़रूरत है की खुद समझदार बने इज्जत करे देश की देश के राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की ! जय हिंद वन्दे मातरम 🙏

रोहित में कुछ बात ही अलग है..

क्रिकेट की जब भी बात आती है तो हमारे देश मे क्रिकेट को पूजा जाता है। लोगो की भावनायें इससे जुड़ी होती है। एक तरफ गुस्सा तो एक तरफ प्यार भी आ...